HIV Cure update in Hindi
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HIV के इलाज पर शोध से जुड़ी नई जानकारी
HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) के इलाज के क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों (विशेषकर 2025 और 2026 की शुरुआत) में क्रांतिकारी शोध हुए हैं। अब वैज्ञानिक केवल दैनिक गोलियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ‘लॉन्ग-एक्टिंग’ (लंबे समय तक चलने वाले) उपचार और ‘फंक्शनल क्योर’ (कार्यात्मक उपचार) की दिशा में बढ़ रहे हैं। HIV शोध 2026: क्या हम इलाज के करीब हैं? दशकों से HIV का मतलब था हर दिन दवा लेना। लेकिन CROI 2026 (Conference on Retroviruses and Opportunistic Infections) और हालिया क्लीनिकल ट्रायल्स ने इस परिदृश्य को बदल दिया है। साल में सिर्फ दो बार इंजेक्शन (Lenacapavir) हालिया शोध में Lenacapavir नामक दवा ने कमाल कर दिखाया है। यह एक ‘कैप्सिड इनहिबिटर’ है। शोध बताते हैं कि साल में केवल दो बार इसके इंजेक्शन लेने से न केवल वायरस दब जाता है, बल्कि यह संक्रमण को रोकने (PrEP) में भी 96% से अधिक प्रभावी पाया गया है। साप्ताहिक और मासिक गोलियां दैनिक गोलियों की थकान को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने ऐसी दवाएं (जैसे Islatravir और Lenacapavir का कॉम्बिनेशन) विकसित की हैं, जिन्हें सप्ताह में केवल एक बार लेना पड़ता है। 2025-26 के ट्रायल्स में यह संयोजन वायरस को दबाए रखने में दैनिक दवाओं जितना ही प्रभावी साबित हुआ है। जीन एडिटिंग (CRISPR) और ‘शूगर कोट‘ तकनीक · CRISPR: शोधकर्ता अब जीन-एडिटिंग तकनीक का उपयोग करके शरीर की कोशिकाओं से HIV…
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